केरेडारी: कंडाबेर में अवैध कोयला, बालू और ईंट भट्टों के दम पर तैयार हुआ,माफियाओं का काला साम्राज्य

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REPORT BY: vicky keshri Thu, 29 Jan 2026 4:23 pm (IST)
केरेडारी:(अमित कुमार माली)।हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड के कंडाबेर एवं पाताल पंचायत के हेंदेगिर में अवैध बालू, अवैध कोयला से ईंट भट्ठों के माफियाओं के दम पर काला साम्राज्य तैयार हुआ है।जिसमें कोयला माफिया और अवैध ईंट व्यवसाय के कारोबारी अपने जुगलबंदी से राज्य सरकार को करोड़ों के राजस्व का चुना लगा रहें है।इस खेल में कई विभागों के सरकारी बाबुओं की भी मिलीभगत है।अधिकारी नियम-कानून को ताक पर रखकर अपनी जेबें भर रहे है। यह काले कोयले का काला व्यवसाय ही है कि अवैध ईंट भट्टों में देश के कोयला भंडार का हजारों टन कोयला बेतहाशा फूंक दिया जा रहा है। इतना ही नहीं भट्टा के संचालन में कोयला मिट्टी के साथ बालू भी महत्वपूर्ण है। जहां ईंट भट्टों में बालू आसानी से पहुंच रहा है।वहीं आम लोगों के उपयोग के लिए बालू का भी किल्लत है।अवैध कोयला और अवैध बालू की मदद से संचालित इन अवैध ईंट भट्टों में मजदूरों और पर्यावरण को भी ठेंगे पर रखा जा रहा है।जंगल काटकर मिट्टी का उठाव और बड़े पैमाने पर कोयला जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का यह खेल खनन विभाग की मिली भगत से चल रहा है, जिसे मौन समर्थन अन्य विभागों से भी प्राप्त है। ऐसे में भले राजस्व को नुकसान पहुंच रहा हो पर इस अवैध कोयले की बदौलत भट्टा संचालक और उनके सहयोगी मालामाल हो रहे हैं। केरेडारी प्रखंड कंडाबेर में इन दिनों अवैध कोयला से ईंट भ‌ट्ठों का हब बना हुआ है। ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर अवैध कोयले और बालू के दम पर सुलग रहे ईंट भट्टों को तय नियम के अनुसार संचालित करने के अभियान पर आखिर क्यों नहीं ध्यान है। दूसरी ओर बालू उठाव से सभी नदियों का अस्तित्व खतरे में है, नदी से बालू उठाव के कारण जल स्तर इतना नीचे जा रहा है कि आने वाला समय में पानी के लिए क्षेत्र में हाहाकार मचेगा। पूर्व में बने कुआं अभी से ही सूखने लगे हैं हर जगह डीप बोरवेल से भी पानी पाताल में चला गया है। छोटे-मोटे किसान कुआं में पानी नहीं रहने के कारण क्षेत्र खेती करना मुश्किल सा हो गया है।काम नहीं मिलने से बेरोजगार हो गए भरण पोषण के लिए क्षेत्र से पलायन कर रहे हैं।

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