पूर्व मंत्री ने आंदोलन के 14 वें दिन भी बंद रखा माइंस, सीएसपी का कार्य दिन भर रहा ठप ,कंपनी को अब तक करोड़ो का नुकसान

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REPORT BY: vicky keshri Wed, 14 Jan 2026 4:22 pm (IST)
केरेडारी।पूर्व मंत्री योगेंद्र साव अपने आंदोलन के 14 वें दिन एनटीपीसी के चट्टीबारियातु कोयला खनन परियोजना लगभग दिन भर बंद करवा दिया,खनन क्षेत्र अंर्तगत सीएचपी कोल खनन और प्रेषण कार्य को भी ठप करा दिया।जिससे सरकार के राजस्व का लगभग एक करोड़ 15 लाख का नुकसान हुआ है। कम्पनी के अनुसार कुल दस हजार 416 टन कोयला का उत्पादन बाधित हुआ जबकि सरकार को प्रति टन लगभग 1100 रुपये का राजस्व प्राप्त होता है उस हिसाब से दस घण्टे में लगभग एक करोड़ 15 लाख राजस्व का नुकसान सरकार को हुआ है। बताया गया कि पूर्व मंत्री रोज की तरह बुधवार को भी अपने समर्थकों के पास माइंस में घुसे वर्कर्स को धमकाया जिससे खनन व प्रेषण कार्य रोक देने पड़े।शाम में पुलिस की हस्तक्षेप से किसी तरह फिर से माइंस शुरू की गई।कब तक चलता रहेगा सह व मात का खेल- पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के आंदोलन सह व मात खेल की तरह दिखता है।पूर्व मंत्री माइंस बन्द कराते हैं फिर पुलिस चालू करती है यह शिलशिला लगातार 14 दिन से चल रहा है। लोग चर्चा भी कर रहे हैं कि आखिर यह खेल कबतक चलता रहेगा। आखिर सरकार व कम्पनी वार्ता का प्रयास क्यों नही कर रहे, जबकि कोई माननीय आंदोलनरत है। इनकी बातों को क्यों नही सुना जा रहा है अगर इनके बात नही सुनने हैं तो पूर्व मंत्री के विरुद्ध मामला दर्ज कर गिरफ्तार क्यों नही किया जा रहा है। यहां तो अराजकता जैसी स्थिति उतपन्न हो गयी है। अगर आगे भी इसी तरह चलता रहा तो कोई बड़ी घटना की संभावना से इनकार भी नही किया जा सकता।ज्ञात हो कि पूर्व मंत्री योगेंद्र साव मुख्य रूप से फ्रायकले ब्रिक फैक्ट्री के चिमनी व चारदीवारी तोड़े जाने को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं। उनका आरोप है कि वर्तमान दर पर संरचना का मापी नही उठाया गया व कम्पलसेसन निर्धारित नही किया है। ग्रामीणों के अनुसार उनके परेशानी का वजह यह भी माना जा रहा है कि उन्होंने जोरदाग मौजा में रामदीप साव से मात्र एक एकड़ जमीन रजिस्ट्री ली थी जबकि उनके फैक्ट्री का बाउंड्री लगभग तीन एकड़ से ऊपर भूखंड में था जिसे कम्पनी द्वारा तोड़ा गया।

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