ब्रह्मा बाबा ने महिला सशक्तिकरण का अनूठा कार्य कर जग में शांति का संदेश दिया - ब्रह्माकुमारी सरिता दीदी

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REPORT BY: vicky keshri Mon, 19 Jan 2026 9:24 am (IST)
केरेडारी(प्रातः आवाज)।प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय केरेडारी में स्थित ओम शांति भवन में रविवार को संस्था के संस्थापक दादा लेखराज उर्फ ब्रह्मा बाबा की 57 वीं पुण्य स्मृति दिवस विश्व शांति दिवस के रूप में धूमधाम से मनाते हुए भाई बहनों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर ब्रह्मा बाबा को याद किया। कार्यक्रम की संचालिका बीके सरिता दीदी ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि यह सृष्टि परिवर्तन की बेला है। जबकि निराकार परमपिता परमात्मा अपने साकार माध्यम प्रजापिता ब्रह्मा के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान व राजयोग की शिक्षा देकर संस्कार परिवर्तन और नई सतोप्रधान दैवी दुनिया की पुनर्स्थापना करा रहे हैं। संस्था अब वट वृक्ष का रूप धारण करके 140 देशों में विश्व कल्याण कार्य में जुटी हुई है। ब्रह्मा बाबा ने संस्था की बागडोर माताओं व कन्याओं को ट्रस्ट बनाकर उन्हें सारी जिम्मेवारी सौंप कर 18 जनवरी 1969 को संपूर्ण अवस्था को प्राप्त कर पार्थिव देह त्याग किया। उन्होंने बताया कि संस्था में हर वर्ष जनवरी माह को अव्यक्त माह के रूप में मनाया जाता है। देश विभाजन से पहले हैदराबाद सिंध में हीरों के प्रख्यात व्यापारी दादा लेखराज कृपलानी ने ब्रह्मा बाबा के रूप में दिव्य दृष्टि के माध्यम से दुनिया की विनाशलीला देखकर महिलाओं के नेतृत्व में संस्था का गठन करके सर्वत्र शांति का संदेश प्रवाहित करने का संकल्प लिया। ब्रह्मा बाबा ने दुनिया में जो विनाश लीला की आशंका व्यक्त की, वह अब भी विभिन्न देशों के बीच में चल रहे तनाव व युद्ध से स्पष्ट दिखाई दे रही है। दीदी ने हरेक भाई बहनों को ब्रह्मा बाबा को आदर्श मान जीवन में फॉलो करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण संस्थापक ब्रह्मा बाबा का फूलों से बना चित्र था जिसे 5 किलो के सफेद फूलों से सेवाकेंद्र के भाई बहनों ने स्वयं तैयार किया था। कार्यक्रम में बीके योगेंद्र भाई , बीके भीम भाई , बीके रंजन भाई , बीके जागेश्वर भाई , बीके कार्तिक भाई ,बीके धनीनाथ भाई , बीके सुभाष भाई , बीके श्रीकांत भाई, बीके पारस , बीके पूनम बहन , बीके अंजलि बहन , बीके रेखा बहन , बीके कुंती , बीके दीपशिखा , बीके निशा सहित सैकड़ों बीके भाई बहनों ने ब्रह्मा बाबा के जीवन गाथा को स्मृति में लाते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

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